

कोटा के गोस्वामी शरद बाबा ने किये विमल बिहारी दर्शन
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां 9783029649
डीग कामां कामवन धाम में कोटा के परम पूज्य गोस्वामी शरद बाबा ने हजारों वैष्णवों के साथ मन्दिर श्री विमल बिहारी जी के दिव्य दर्शन को पधारे। गोस्वामी जी ब्रज चौरासी कोस पदयात्रा कर रहे है जिनका कामवन में तीन दिन का प्रवास है।
कोटा के वैष्णवाचार्य परम पूज्य गोस्वामी शरद बाबा महाराज के परम सानिध्य में हजारों वैष्णवों ने तीर्थराज विमल कुण्ड विराजित श्री विमल बिहारी जी मन्दिर के दिव्य दर्शन तथा तीर्थराज विमलकुण्ड की पूजा अर्चना की तथा दूध चढ़ाया।मन्दिर श्री विमल बिहारी जी क़े सेवाअधिकारी संजय लवानिया व विक्रम लवानिया ने उपरना भेंटकर स्वागत व सम्मान किया।
ब्रज चौरासी कोस यात्रा करते हुए गोस्वामीजी के सानिध्य में हज़ारों वैष्णवों व धर्मप्रेमियों ने तीर्थराज विमलकुण्ड के दर्शन व आचमन कर तीर्थराज विमलकुण्ड माहात्म्य मन्दिर श्री विमल बिहारी जी के सेवाधिकारी संजय लवानियां ने माहात्म्य सुनाते हुए बताया क़ि श्रीकृष्ण ने राजा विमल को सारुप्य भक्ति प्रदान की तथा 6 हजार रानियों सहित गरुड़ पर आरूढ़ कर गोलोक धाम भेज दिया। तीर्थराज विमलकुण्ड क़े प्राकट्य की कथा सुनाई। सभी ने राजा विमल व तीर्थराज की कथा श्रवण कर असीम आनन्द की अनुभूति की ।
श्री कृष्ण लीलाओं के अनन्त जीवन्त चिन्ह भक्तों की आस्था व श्रद्धा को असीमित कर देते हैं । तीर्थराज के स्वच्छ जल का आचमन व स्नान कर वैष्णव मंत्र-मुग्ध हो गये।
तीर्थराज विमलकुण्ड करोड़ों कृष्ण मतावलंबियों की आस्था का केन्द्र है़ जिसके दर्शनार्थ वर्षभर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं । पौराणिक मान्यतानुसार तीर्थराज के दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है़ । इसके दर्शन कर श्रद्धालु असीम शान्ति व परम आनन्द की अनुभूति करते हैं ।
वैष्णव तीन दिवस कामवन क़े राधा स्वामी आश्रम क़े निकट पालों में प्रवास कर कामवन की विभिन्न लीलास्थलियों विमलकुण्ड ,श्री विमल बिहारी ,विमल देवी ,सिद्ध बाबा ,सेतुबंध रामेश्वर ,लंका-यशोदा ,चरणपहाड़ी ,
भोजनथाली ,भामासुर की गुफा ,खिसलनी शिला ,दाऊजी के चरण ,कठ्ला, मुकुट ,कामेश्वर महादेव,वृंदा देवी ,गोपीनाथ जी ,चौरासी खंभा,पंचम पीठाधीश्वर श्री गोकुल चन्द्रमा जी ,सप्तम पीठाधीश्वर श्री मदनमोहन जी ,गयाकुण्ड ,श्रीकुण्ड,महाप्रभु बैठक ,धर्मकुण्ड व पांच पांडव क़े दर्शन व पूजन करेंगे।